Tirupati Laddu Scam: 250 करोड़ का महाघोटाला! दिल्ली का कारोबारी गिरफ्तार, भगवान के प्रसाद में बेचा गया नकली घी

तिरुपति लड्डू घोटाला: 250 करोड़ का नकली घी स्कैंडल, दिल्ली का व्यापारी अजय कुमार सुगंध गिरफ्तार – SIT जांच में चौंकाने वाले खुलासे

आंध्र प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने देशभर के श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया है। भगवान वेंकटेश्वर के प्रसाद तिरुपति लड्डू में मिलावट का सनसनीखेज मामला अब गहराता जा रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की निगरानी में काम कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने दिल्ली के एक कारोबारी अजय कुमार सुगंध को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने नकली घी बनाने में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रासायनिक तत्वों की सप्लाई की थी, जिससे 68 लाख किलो नकली घी तैयार कर TTD को 250 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

कैसे हुआ 250 करोड़ का यह घोटाला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, अजय कुमार सुगंध पिछले 7 वर्षों से उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी भोलेबाबा ऑर्गेनिक डेयरी को मोनोग्लिसराइड्स, एसिटिक एसिड और एस्टर जैसे रासायनिक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। ये रसायन आमतौर पर कृत्रिम खुशबू और बनावट सुधारने के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन इन्हें खाद्य उत्पादों में मिलाना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

इन्हीं रसायनों की मदद से भोलेबाबा डेयरी और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों ने पाम ऑयल में मिलावट कर नकली घी तैयार किया। इस नकली घी को वैष्णवी डेयरी और एआर डेयरी जैसे ब्रांड नामों से बेचा गया। यही घी आगे चलकर तिरुपति लड्डू बनाने में उपयोग हुआ — जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को भगवान का प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

SIT की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

SIT अधिकारियों ने बताया कि यह घोटाला संगठित स्तर पर चल रहा था। कारोबारी अजय कुमार सुगंध की कंपनी ने इन रसायनों को वैध औद्योगिक उपयोग के नाम पर खरीदा, लेकिन असल में इन्हें खाद्य उद्योग को बेचा गया।
CBI जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने भोलेबाबा डेयरी के निदेशकों पोमिल जैन और विपिन जैन के साथ मिलकर नकली घी की आपूर्ति का नेटवर्क बनाया था।

CBI अधिकारियों के अनुसार, “यह सिर्फ एक आर्थिक घोटाला नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास के साथ खिलवाड़ है। तिरुपति लड्डू, जो हर भक्त के लिए आस्था का प्रतीक है, उसमें मिलावट कर एक पवित्र परंपरा को कलंकित किया गया है।”

श्रद्धालुओं में आक्रोश

घोटाले के खुलासे के बाद देशभर में श्रद्धालुओं में रोष और निराशा है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में मिलावटी घी का इस्तेमाल कैसे हो गया और TTD प्रशासन इतने वर्षों तक इसकी जानकारी से अनजान कैसे रहा?

वहीं, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि,

“TTD इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। SIT और CBI की जांच में हम पूरा सहयोग कर रहे हैं। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है यह नकली घी

जानकारों के मुताबिक, मोनोग्लिसराइड्स और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे रासायनिक यौगिक मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक हैं। इनका लंबे समय तक सेवन करने से लिवर, किडनी और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि “ऐसे रसायनों से बने नकली घी में प्राकृतिक पोषक तत्व नहीं होते, बल्कि यह शरीर में टॉक्सिक फॉर्मेशन पैदा करता है।”

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