
फरीदाबाद में आतंक का बड़ा जखीरा बरामद — डॉक्टर के घर से 350 किलो RDX, दो AK-47 और भारी गोला-बारूद जब्त, भारत में बड़ा हमला टला
भारत में आतंक की एक बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में जिस गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। एक साधारण दिखने वाले डॉक्टर के घर से ऐसा जखीरा बरामद हुआ, जो किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस ने डॉक्टर की निशानदेही पर करीब 350 किलो RDX, दो AK-47 राइफल और 84 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गुप्त ऑपरेशन ने खोला बड़ा राज़
रविवार देर रात को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में छापा मारा। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि स्थानीय पुलिस को भी अंतिम समय पर ही सूचना दी गई। इलाके में रातोंरात 12 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियां दाखिल हुईं और डॉक्टर के किराए के घर को चारों तरफ से घेर लिया गया। पड़ोसियों को लगा कि कोई बड़ी वारदात हो गई है, लेकिन जब सुबह उन्हें सच्चाई का पता चला तो इलाके में हड़कंप मच गया।
डॉक्टर निकला आतंकी संगठन से जुड़ा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी डॉ. आदिल जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले का रहने वाला है। वह पेशे से डॉक्टर है और कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक निजी अस्पताल में काम कर रहा था। जांच में पता चला कि आदिल के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से गहरे संबंध हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग से एक अन्य संदिग्ध डॉक्टर मुजाहिल शकील को पकड़ा था। उसी की निशानदेही पर यह फरीदाबाद वाला छापा मारा गया।
छापेमारी के दौरान 14 काले बैग बरामद
पुलिस जब घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां उन्हें मेडिकल उपकरणों की जगह विस्फोटक और हथियारों का बड़ा जखीरा मिला। सूत्रों के अनुसार, पुलिस जब बाहर निकली तो उनके हाथों में 14 बड़े काले बैग थे, जिनमें RDX और अन्य सामग्री भरी हुई थी। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा था।
तीन महीने पहले किराए पर लिया था घर
स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉ. आदिल ने तीन महीने पहले ही यह घर किराए पर लिया था। उसने मकान मालिक को बताया था कि वह डॉक्टर है और कुछ मेडिकल इक्विपमेंट्स यहां रखेगा। किसी को भनक तक नहीं लगी कि वह इस घर को आतंकी गतिविधियों के ठिकाने में बदल चुका है।
कहां से आया इतना RDX?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डॉक्टर आदिल 350 किलो RDX जैसी खतरनाक विस्फोटक सामग्री कहां से लाया? शुरुआती जांच में शक है कि यह सामग्री जम्मू-कश्मीर या पाकिस्तान सीमा के रास्ते भारत में लाई गई हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़े हमले की साजिश रची जा रही थी।
खुफिया एजेंसियां सतर्क
छापेमारी से पहले खुफिया ब्यूरो (IB) को भी इस गुप्त ऑपरेशन की सूचना दी गई थी। दिल्ली पुलिस, एटीएस और एनआईए को भी सतर्क कर दिया गया है। एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि डॉक्टर आदिल के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। उसके फोन और लैपटॉप की जांच की जा रही है ताकि किसी बड़े मॉड्यूल का पता लगाया जा सके।
बड़ा हमला टला, सतर्क हुई सुरक्षा एजेंसियां
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या महत्वपूर्ण संस्थान पर बड़े धमाके की योजना का हिस्सा हो सकता था। यदि यह सामग्री समय रहते बरामद नहीं होती, तो देश में किसी भी शहर में भयावह वारदात हो सकती थी।
जांच में कई और गिरफ्तारी संभव
पुलिस सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर आदिल की गिरफ्तारी के बाद कई और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि देश के अलग-अलग राज्यों में बैठे कुछ “स्लीपर सेल” उसके संपर्क में थे। अगले कुछ दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
देशभर में छापेमारी जारी
इस घटना के बाद एटीएस और एनआईए की टीमें यूपी, दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हो गई हैं। कुछ अन्य डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर भी शक जताया जा रहा है, जो आतंकी संगठन के लिए काम कर सकते हैं।
पुलिस और एजेंसियों की बड़ी सफलता
फरीदाबाद में हुई यह कार्रवाई न केवल जम्मू-कश्मीर पुलिस बल्कि पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। इस ऑपरेशन ने दिखा दिया कि भारत की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था कितनी सतर्क है। आतंक की इस साजिश को समय रहते नाकाम कर देश को एक बड़े हादसे से बचा लिया गया।