रेलवे का तोहफा: अब बुजुर्गों को लोअर बर्थ की मिलेगी पक्की सीट, आरामदायक सफर की हुई गारंटी!

रेलवे का बड़ा तोहफा: अब बुजुर्गों को लोअर बर्थ की मिलेगी पक्की सीट, जानिए नया नियम क्या है

भारत में रेल यात्रा सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा है। देश की मिडिल क्लास आबादी का बड़ा हिस्सा ट्रेन से ही लंबी यात्राएं करता है। चाहे तीर्थ यात्रा हो, रिश्तेदारों से मिलने जाना हो या फिर काम से बाहर निकलना हो — हर किसी की पहली पसंद ट्रेन ही होती है। और जब बात होती है आराम की यात्रा की, तो हर कोई लोअर बर्थ यानी निचली सीट चाहता है, ताकि बार-बार ऊपर न चढ़ना पड़े और सफर आरामदायक रहे।

लेकिन अक्सर लोगों की यह इच्छा अधूरी रह जाती है। टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ प्रिफरेंस चुनने के बावजूद कई बार सीट मिडिल या अपर बर्थ पर मिलती है, जिससे खासकर बुजुर्ग यात्रियों और महिलाओं को परेशानी होती है। इसी समस्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है, जो अब लाखों सीनियर सिटीजन्स और महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है।

अब लोअर बर्थ मिलेगी पक्की — रेलवे का नया नियम

रेलवे ने बुजुर्ग यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब टिकट बुक करते समय “Book Only If Lower Berth Available” का नया विकल्प जोड़ा गया है। इस फीचर का मतलब है — अगर ट्रेन में लोअर बर्थ उपलब्ध होगी, तो ही आपका टिकट कन्फर्म होगा। अगर लोअर बर्थ नहीं है, तो आपका टिकट बुक ही नहीं होगा।

यह बदलाव खास तौर पर 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और सीनियर सिटीजन्स के लिए किया गया है। पहले ये सुविधा “उपलब्धता पर निर्भर” थी, यानी अगर ट्रेन में सीट बची है तभी लोअर बर्थ दी जाती थी। लेकिन अब यह नियम बुजुर्गों के हित में और सख्त किया गया है, ताकि उन्हें लोअर बर्थ की गारंटी मिल सके।

एडवांस रिजर्वेशन पीरियड में भी हुआ बदलाव

रेलवे ने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) को भी संशोधित किया है। पहले यात्री 120 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह अवधि घटाकर 60 दिन कर दी गई है। इसका फायदा यह होगा कि यात्रियों को कम समय में अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने का मौका मिलेगा और सीट उपलब्धता का प्रबंधन भी बेहतर हो सकेगा।

बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष राहत

रेलवे के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा बुजुर्ग यात्रियों को मिलेगा। अक्सर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ट्रेन यात्रा में सबसे बड़ी समस्या होती थी — ऊपर की बर्थ पर चढ़ना। कई बार यह खतरनाक भी साबित होता है। अब इस नियम से बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं निश्चिंत होकर टिकट बुक कर सकेंगी, क्योंकि लोअर बर्थ की गारंटी मिलेगी।

रेलवे ने साथ ही स्पष्ट किया है कि यह सुविधा IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप दोनों पर उपलब्ध होगी। टिकट बुक करते समय आपको “Book Only If Lower Berth Available” पर टिक लगाना होगा, जिससे सिस्टम अपने आप केवल लोअर बर्थ उपलब्ध होने पर ही टिकट कन्फर्म करेगा।

ट्रेन में सोने के नियम भी बदले

रेलवे ने सफर को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए सोने के नियमों में भी बदलाव किया है। अब यात्रियों को अपनी बर्थ पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सोने की अनुमति है। इस दौरान किसी को भी दूसरे यात्री की सीट पर बैठने का हक नहीं होगा।

दिन के समय यात्री अपनी सीट पर बैठ सकते हैं या आपसी सहमति से सोने-बैठने का समय तय कर सकते हैं। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि अनावश्यक विवाद और असुविधा से बचा जा सके, खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में।

यात्रियों के लिए राहत और सुरक्षा दोनों

रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। एक तरफ जहां बुजुर्गों और महिलाओं को अब चढ़ने-उतरने की परेशानी नहीं होगी, वहीं सोने-बैठने के नियमों से यात्रियों के बीच बेहतर सामंजस्य बनेगा।

इसके अलावा रेलवे लगातार अपने डिजिटल टिकटिंग सिस्टम को और सुविधाजनक बना रहा है — ताकि हर यात्री को घर बैठे ही कंफर्टेबल और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

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