“कल चढ़ना था घोड़ी, आज कफन में दूल्हा दफन — मंडप पहुंचने से पहले ही तीन भाइयों संग हुई दर्दनाक मौत”

कल चढ़ना था घोड़ी, आज कफन में हुआ दफन: शादी से पहले ही सड़क हादसे में चार चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत

हरियाणा के सोनीपत जिले के बरोदा गांव में शुक्रवार की रात एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। चार चचेरे भाइयों — आशीष, परमजीत, विवेक और साहिल — की कार हादसे में मौत हो गई। चारों युवक हरिद्वार गंगा स्नान के लिए निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

यह भीषण हादसा उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पानीपत–खटीमा हाईवे पर हुआ। रात करीब साढ़े बारह बजे उनकी स्विफ्ट कार (HR09K-8004) तेज रफ्तार में एक रेस्टोरेंट के बाहर खड़े कैंटर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और कैंटर के पहिए भी टूट गए। आसपास के लोगों ने जब तेज धमाके की आवाज सुनी तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद चारों शवों को कार से बाहर निकाला। चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। यह दृश्य इतना भयावह था कि देखने वालों की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने दस्तावेजों के जरिए मृतकों की पहचान की और परिजनों को सूचना दी।

जानकारी के मुताबिक, चारों युवक आपस में चचेरे भाई थे और बरोदा गांव के रहने वाले थे। उनकी उम्र 22 से 25 साल के बीच थी।

आशीष, जो अपने परिवार का इकलौता बेटा था, खेती-बाड़ी करता था। उसकी शादी अगले साल फरवरी में तय थी। परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन किस्मत ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

परमजीत, जिसकी अगले ही दिन यानी शनिवार को शादी होनी थी, अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। जिस घर में आज बारात निकलनी थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

विवेक महज 22 साल का था। उसके पिता किसान हैं और विवेक ही उनका एकमात्र बेटा था।

साहिल, जो गोहाना के डाकघर में नौकरी करता था, पिछले साल ही शादी के बंधन में बंधा था। उसका भी परिवार अब बेसहारा हो गया है।

चारों भाइयों ने सोचा था कि शादी से पहले हरिद्वार जाकर गंगा स्नान कर आएंगे, लेकिन उनकी यह यात्रा अंतिम यात्रा बन गई। गांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शादी के लिए सजी घर की दीवारें, सजे मंडप और बजने वाले बैंड के सुर अब सन्नाटे में बदल गए।

हादसे के बाद पुलिस ने कार से शराब की कुछ बोतलें भी बरामद की हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि हादसे के समय युवक नशे में थे। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

गांव के लोगों का कहना है कि चारों युवक बेहद मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे। गांव में किसी ने नहीं सोचा था कि गंगा स्नान की इस यात्रा का अंत इतने दर्दनाक हादसे में होगा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जहां कल बैंड-बाजे की धुनों के साथ दूल्हा घोड़ी चढ़ने वाला था, वहीं आज चार अर्थियां एक साथ उठीं।

यह हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा घाव बन गया है। हर किसी की जुबान पर एक ही बात है — “कितनी बेरहम है ये किस्मत, जिसने खुशियों के मौके को मातम में बदल दिया।”

पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। हादसे की वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रफ्तार की एक गलती कैसे चार घरों के चिराग बुझा सकती है।

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