तेलंगाना में रॉन्ग साइड डंपर का कहर: रोडवेज बस से भीषण टक्कर, 17 यात्रियों की दर्दनाक मौत

तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा: रॉन्ग साइड से आए डंपर ने ली 17 जिंदगियां, हाईवे पर मौत का मंजर देख कांप उठे लोग

सोमवार की सुबह तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर आई जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। चेवेल्ला मंडल के खानपुर गेट के पास, हैदराबाद-बीजापुर नेशनल हाईवे पर एक अनियंत्रित डंपर ने तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) की बस को रॉन्ग साइड से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर बस के आधे हिस्से पर पलट गया और बस के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। बस में करीब 70 यात्री सवार थे।

हादसे का भयानक मंजर

दुर्घटनास्थल पर जो दृश्य दिखाई दिया, वह किसी भयावह फिल्म से कम नहीं था। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। कई यात्री सीटों में फंसे हुए थे और दर्द से कराह रहे थे। टक्कर के बाद डंपर का पिछला हिस्सा बस के ऊपर पलट गया, जिससे बस के अंदर बैठे लोगों के निकलने का रास्ता बंद हो गया। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू किया। किसी ने खिड़कियां तोड़ीं, तो किसी ने लोहे के डंडों से दरवाजे खोलने की कोशिश की।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने जेसीबी और क्रेन की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। कई यात्रियों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया और पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

मंत्री ने दिए त्वरित निर्देश

तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों से बात की। उन्होंने आरटीसी के प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी और रंगा रेड्डी जिले के कलेक्टर से स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
मंत्री प्रभाकर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि –

सभी घायलों को फौरन बेहतरीन इलाज मिले और इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करे।

आरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य की निगरानी करें।

हादसे के कारणों की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि डंपर रॉन्ग साइड पर कैसे पहुंचा — यह ड्राइवर की लापरवाही थी या वाहन की तकनीकी खराबी।

लोगों में गुस्सा और सवाल

इस भयावह हादसे के बाद स्थानीय लोग बेहद गुस्से में हैं। उनका कहना है कि हाईवे पर अक्सर भारी वाहन रॉन्ग साइड से चलते हैं और पुलिस उन्हें रोकने में नाकाम रहती है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि हाईवे पर पर्याप्त पुलिस पेट्रोलिंग नहीं होती, जिससे ऐसे हादसे आम हो गए हैं।

हाईवे सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

तेलंगाना ही नहीं, पूरे देश में नेशनल हाईवे पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार हादसों की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है। बड़े-बड़े ट्रक और डंपर चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी अब आम बात हो गई है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि –

हाईवे पर सीसीटीवी निगरानी और सख्त चालान प्रणाली लागू की जानी चाहिए।

भारी वाहनों के लिए अलग लेन और समय सीमा तय की जाए।

ड्राइवरों के लिए अनिवार्य आराम अवधि और फिटनेस जांच जरूरी की जाए।

प्रशासन की चुनौती

सरकार और प्रशासन के लिए यह हादसा चेतावनी की घंटी है। रॉन्ग साइड ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग पर सिर्फ जुर्माना लगाना काफी नहीं है। जरूरी है कि कठोर कानूनी कार्रवाई हो और ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएं।

मानवता की मिसाल भी दिखी

हादसे के बीच स्थानीय लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। कई ग्रामीणों ने अपनी गाड़ियां लगाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कुछ लोगों ने खून दान किया तो कुछ ने पीड़ित परिवारों को भोजन और पानी मुहैया कराया।

Leave a Comment