पटना में पीएम मोदी का 40 मिनट का रोड शो: 6 सीटों पर एनडीए के लिए गरजा जनसैलाब, ‘मोदी-मोदी’ से गूंजा पूरा शहर

पटना में पीएम मोदी का शानदार रोड शो: जनसैलाब ने भरी मोदी-मोदी की गूंज, महिलाओं ने की आरती, चमकी राजधानी की सड़कों पर दीवाली जैसी रौनक

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम पटना की सड़कों पर जब कदम रखा, तो पूरा शहर “मोदी-मोदी” के नारों से गूंज उठा। राजधानी की हवा में जोश, उम्मीद और उत्साह की मिलीजुली खनक थी। प्रधानमंत्री का यह रोड शो न सिर्फ राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन था, बल्कि एक जनसमर्थन का उत्सव भी बना — जिसमें हर उम्र, हर वर्ग और हर समुदाय के लोग शामिल दिखे।

दिनकर गोलंबर से शुरू हुआ मोदी का ‘कमल संदेश यात्रा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को आरा और नवादा में विशाल जनसभाएं करने के बाद शाम करीब 5:30 बजे पटना पहुंचे। एयरपोर्ट से वे सीधे दिनकर गोलंबर पहुंचे, जहां राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्होंने अपने रोड शो की शुरुआत की। इसके बाद मोदी एक रथनुमा वाहन में सवार हुए, जिसके ऊपर ‘कमल का निशान’ और एनडीए का चुनावी संदेश साफ नजर आ रहा था।

रथ पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री एवं जदयू नेता ललन सिंह, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और पटना शहर के एनडीए प्रत्याशी भी मौजूद रहे। मोदी ने हाथ में भाजपा का चुनाव चिह्न ‘कमल’ थामा हुआ था, जिसे लहराकर वे रास्तेभर जनता का अभिवादन करते रहे।

भीड़ ने बनाया ऐतिहासिक माहौल, हर गली में ‘जय मोदी’ की गूंज

पटना की गलियां, चौक, और सड़कों पर रविवार शाम उत्सव का नजारा था। सड़क के दोनों ओर हजारों की भीड़ मोदी को देखने के लिए घंटों पहले से खड़ी थी। लोगों की आंखों में प्रधानमंत्री की एक झलक पाने का उत्साह था। जब उनका रथ निकला, तो भीड़ “भारत माता की जय” और “मोदी-मोदी” के नारों से गूंज उठी।

रोड शो के दौरान पटना की सड़कों पर जबरदस्त लाइटिंग की गई थी — हर इमारत रोशनी से सजी हुई थी, मानो दीपावली से पहले ही राजधानी ने दीयों की चमक बिखेर दी हो। मंचों पर लोक कलाकार छठ गीत, भोजपुरी नृत्य और पारंपरिक झांकियों से माहौल को जीवंत बना रहे थे।

महिलाओं ने की आरती, बच्चों ने लहराए झंडे

प्रधानमंत्री के रोड शो का एक खास दृश्य तब देखने को मिला जब घरों की छतों और बालकनियों से महिलाओं ने मोदी की आरती उतारी। उन्होंने थाली में दीपक जलाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। मोदी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर और प्रणाम कर सभी का अभिवादन किया। छोटे-छोटे बच्चे भाजपा के झंडे लहराते नजर आए।

सड़क किनारे खड़े युवाओं ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर मोदी के रथ के आगे प्रकाश की लहर बना दी। जैसे-जैसे रथ आगे बढ़ा, वैसे-वैसे “अबकी बार फिर मोदी सरकार” के नारे और तेज होते गए।

रोड शो का रूट: भीड़ और व्यवस्था दोनों में संतुलन

प्रधानमंत्री का रोड शो दिनकर गोलंबर से शुरू होकर नाला रोड, बारी पथ, ठाकुरबाड़ी रोड, बाकरगंज होते हुए गांधी मैदान के पास उद्योग भवन तक गया। लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी मोदी ने करीब 40 मिनट में पूरी की। पूरे मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

सुरक्षा को देखते हुए 5000 से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। हर इमारत की छत पर स्नाइपर और सुरक्षाकर्मी नजर रख रहे थे। आईटीबीपी, एनएसजी और स्थानीय पुलिस के जवान पूरे रूट पर तैनात थे। किसी भी आपात स्थिति के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें तैयार रखी गई थीं।

वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी और बैरिकेडिंग से आगे किसी को जाने की अनुमति नहीं थी। फिर भी जनता की भीड़ इतनी उमड़ी कि कई जगह मोदी को देखने के लिए लोगों को छतों और पेड़ों पर चढ़ना पड़ा।

इन जगहों पर बने पार्किंग जोन

पटना प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए विशेष पार्किंग स्थान तय किए थे —

  • गांधी मैदान परिसर
  • पटना साइंस कॉलेज
  • पटना कॉलेज मैदान
  • मोइन-उल-हक स्टेडियम
  • डबल डेकर पुल के नीचे का क्षेत्र
  • शाखा मैदान

इन जगहों पर हजारों वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई थी ताकि सड़क पर अव्यवस्था न हो।

राजनीतिक संदेश: बिहार में चुनावी रण की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह रोड शो सिर्फ एक प्रचार कार्यक्रम नहीं था — यह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए के चुनावी अभियान की शानदार शुरुआत थी। पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी मोदी ने पटना में इसी तरह का रोड शो किया था, तब उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे।

इस बार मोदी अकेले एनडीए के चेहरा बनकर उतरे हैं। उनके रोड शो ने यह साफ संदेश दिया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल एकजुट हैं और जनता का रुझान अब भी मोदी के पक्ष में मजबूत है।

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