क्या सच में शाकाहारी होता है अंडा? जानिए अंडे से जुड़े 5 बड़े सच!

अंडे से जुड़ी सच्चाई: क्या अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी? जानिए स्वास्थ्य पर इसके असर की पूरी कहानी

अंडे को लेकर एक सवाल हमेशा लोगों के मन में घूमता रहता है — क्या अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी? कुछ लोग इसे वेज मानकर नाश्ते में शामिल करते हैं, तो कुछ लोग इसे नॉन-वेज कहकर खाने से परहेज करते हैं। इस बहस के बीच सच्चाई क्या है, इसे समझना जरूरी है।

विज्ञान क्या कहता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, बाजार में बिकने वाले ज्यादातर अंडे नॉन-फर्टिलाइज्ड (Non-Fertilized) होते हैं। यानी इन अंडों में किसी प्रकार का भ्रूण (Embryo) नहीं होता। ये अंडे मुर्गी के शरीर से बनते हैं, लेकिन इनमें जीवन का विकास नहीं हो सकता।
इसलिए विज्ञान की नजर में ऐसे अंडे शाकाहारी माने जा सकते हैं।
हालांकि धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, अंडा मुर्गी से प्राप्त होता है, इसलिए कई लोग इसे मांसाहारी श्रेणी में रखते हैं। यही वजह है कि भारत जैसे देश में अंडे को लेकर राय दो भागों में बटी हुई है।

अंडा क्यों है सुपरफूड?

अंडे को यूं ही सुपरफूड नहीं कहा जाता। एक अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन और सिर्फ 70 कैलोरी होती है।
इसमें मौजूद विटामिन D, विटामिन B12, आयरन, जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड और गुड फैट्स शरीर को ताकत, ऊर्जा और पोषण देते हैं।

सफेद भाग (Egg White): इसमें होता है शुद्ध प्रोटीन, जो मसल्स को मजबूत बनाता है।

पीला भाग (Yolk): इसमें होते हैं अच्छे फैट्स, विटामिन्स और कोलेस्ट्रॉल, जो शरीर के लिए जरूरी हैं — लेकिन सीमित मात्रा में।

रोज अंडा खाना सेहत के लिए कितना सही?

अगर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य है और दिल की कोई समस्या नहीं है, तो रोज 1 से 2 अंडे खाना पूरी तरह सुरक्षित है।
दरअसल, अंडे का कोलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद ‘बुरे कोलेस्ट्रॉल’ को नहीं बढ़ाता, बल्कि यह गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बनाए रखने में मदद करता है।
हालांकि, जिन लोगों को उच्च कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर या हृदय से जुड़ी समस्या है, उन्हें अंडे की जर्दी सीमित मात्रा में खानी चाहिए। ऐसे लोग सप्ताह में 2–3 बार अंडा ले सकते हैं और कोशिश करें कि सिर्फ सफेद भाग खाएं।

अंडा वजन घटाने में मददगार है या बढ़ाता है?

बहुत से लोगों के मन में यह भ्रम होता है कि अंडा खाने से वजन बढ़ जाता है, लेकिन सच इसके उलट है।
अंडा वजन घटाने में मदद करता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन ज्यादा और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है।
प्रोटीन शरीर को लंबे समय तक तृप्त रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और अनावश्यक स्नैकिंग से बचाव होता है।
सुबह के नाश्ते में उबला हुआ या पोच्ड अंडा खाने से पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है, और मेटाबॉलिज्म भी एक्टिव रहता है।
यानी अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो अंडा आपका सस्ता, सरल और असरदार साथी हो सकता है।

जो अंडा नहीं खाते, उनके लिए क्या विकल्प हैं?

भारत में कई लोग धार्मिक या वैचारिक कारणों से अंडा नहीं खाते। ऐसे लोगों के लिए चिंता की बात नहीं है, क्योंकि अंडे जैसी प्रोटीन से भरपूर चीजें कई हैं —

टोफू (Tofu) – सोया से बना, प्रोटीन से भरपूर और स्वाद में हल्का।

पनीर (Paneer) – भारतीय डाइट में आम, मसल्स बनाने में मददगार।

सोया चंक्स (Soya Chunks) – कम वसा और उच्च प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत।

दालें और चने (Pulses & Chickpeas) – शाकाहारी लोगों के लिए क्लासिक प्रोटीन फूड।

क्विनोआ (Quinoa) – ग्लूटेन-फ्री और फाइबर से भरपूर सुपरग्रेन।

आजकल बाजार में प्लांट-बेस्ड एग रिप्लेसर्स (Plant-Based Egg Replacers) भी मिलने लगे हैं, जो बेकिंग और कुकिंग में अंडे जैसी बनावट और स्वाद देते हैं — लेकिन इनमें पशु उत्पाद नहीं होते।

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