दिल्ली दहली! लाल किले के पास कार में जोरदार धमाका – 8 की मौत, 12 घायल, NSG-NIA की टीमें रवाना

दिल्ली के दिल में लगा भयावह धमाका: लाल किले के पास मची अफरातफरी, मौतों का आँकड़ा बढ़ने का खतरा

शाम के व्यस्त समय में राजधानी दिल्ली का एक हिस्सा अचानक दहशतगर्द माहौल में बदल गया जब लाल किले के पास, लाल किला मेट्रो स्टेशन (Gate No. 1) के समीप पार्क एक इको वैन/मिनिवैन में जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास खड़ी 5-6 गाड़ियाँ उछल कर दूर जा पँचीं और कई दुकान-खिड़कियाँ टूट गयीं; आस-पास की स्ट्रीट लाइटें भी प्रभावित हुईं। शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की सूचना है, जबकि घायल संख्या और गंभीर स्थिति के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फायर ब्रिगेड को धमाके की सूचना शाम 6:55 बजे के आसपास मिली और दमकल कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर आग बुझाने का कार्य सम्भाला। आग इतनी भयानक थी कि घटना स्थल पर खड़ी कम-से-कम तीन से चार और वाहन भी आग की चपेट में आ गए। जिन मृतकों और घायलों को निकाला गया, उन्हें तुरंत लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल एवं अन्य नज़दीकी इलाज केंद्रों में भर्ती कराया गया।

मौके पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, फॉरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञ तैनात कर दी गयी हैं; साथ ही NIA और NSG की टीमें भी घटना की तह तक पहुँचने के लिए रवाना की गयीं। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट की तीव्रता और घटनास्थल की स्थिति देखते हुए इसे साधारण लोकल हादसे के रूप में नहीं लिया जा रहा है और बहु-एजेंसी जांच शुरू कर दी गयी है। सुरक्षाबलों ने राजधानी वासियों से घबराने की बजाय पुलिस के निर्देशों का पालन करने और संदिग्ध वस्तु/व्यक्ति की सूचना देने का आग्रह किया है।

स्थानीय लोगों और लोगों की भीड़ ने जो भयावह दृश्य देखे, वे दिल दहला देने वाले थे। आंखोंमूंद कर सुनाई देने वाली धमाके की आवाज़, धुएँ और आग के बीच चीख-पुकार, और सड़क पर बिखरे शव-अंग किसी सीधी चोट जैसा प्रतीत हुआ। चन्दनी चौक और आसपास के बाज़ारों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है ताकि बचाव और जांच में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने पूरे दिल्ली में अलर्ट जारी कर दिया है और अहम जगहों पर अतिरिक्त चौकसी बढ़ा दी गयी है।

घटनाक्रम और विस्फोट के स्वरूप से जुड़ी एक और चिंताजनक सूचना यह है कि आज ही दिल्ली से फरिदाबाद में अमोनियम नाइट्रेट के बड़े कन्झिग को पकड़े जाने की खबर भी आ रही थी — अमोनियम नाइट्रेट वह रासायनिक पदार्थ है जो सामान्यतः विस्फोटक बनाने में उपयोग होता है। फिलहाल दोनों घटनाओं को जोड़कर देखना जल्दबाज़ी होगा, पर जांचकर्ता इस संभावना को पूरी तरह नकार नहीं रहे हैं और फॉरेंसिक जांच में यही एक प्राथमिक ट्रैक है। घटनास्थल से मिली वे चीज़ें जो अलग-अलगा बैगों में रखी मिलीं, उनके नमूनों की लैब-टेस्टिंग की जा रही है।

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएँ भी तीव्र आईं — केंद्रीय और राज्य स्तर के नेता संबद्ध अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों से मिलकर घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अभी तक कोई भी समूह या व्यक्ति घटना की जिम्मेदारी नहीं उठा रहा; जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जनता से जब तक आधिकारिक निर्देश न आए, सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गयी है।

अब आगे क्या होगा: फॉरेंसिक टीम—ब्लास्ट डिटेक्शन, सीसीटीवी फुटेज रिकवरी, वाहन के पार्ट्स और विस्फोटक अवशेषों की जाँच—ये सभी प्राथमिक कदम होंगे। साथ ही पास के सीसीटीवी और मेट्रो स्टेशनों के फुटेज तत्काल सुरक्षित कर लिए गए हैं ताकि विस्फोट से पहले-के-घंटों में गाड़ी और उसमें सवार लोगों की पहचान हो सके। NIA और स्पेशल सेल के संयोजन में यह भनक लगाने का प्रयास होगा कि क्या यह आतंकी साजिश थी या कोई लोकल दुर्घटना।

यह क्षण दिल्ली और देश के लिए दर्दनाक और चिंताजनक है। सबसे जरूरी है—घायल व्यक्तियों का तत्काल और प्रभावी इलाज, सत्य की निष्पक्ष जाँच और शहर में कानून व व्यवस्था की माँग के अनुरूप सुरक्षा सुनिश्चित करना। जैसे ही आधिकारिक जानकारी में कोई ठोस अपडेट आता है, उसे जनता के साथ साझा किया जाएगा। जय जवान-जय जनता-और अब — “सूचना-सावधानी” ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है।

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